PUC सर्टिफ़िकेट: कितने दिन वैध, जुर्माना और कैसे बनवाएँ
PUC (प्रदूषण नियंत्रण) सर्टिफ़िकेट सबसे आसानी से भूलने वाला कागज़ है — कोई रिन्यूअल रिमाइंडर नहीं भेजता। जानिए यह कितने दिन चलता है, ख़त्म होने पर क्या होता है, और इसे कैसे याद रखें।
अपडेट 15 अक्टूबर 2026
आपका PUC कब ख़त्म होगा? PUC वैधता चेकर से दस सेकंड में जानें।
PUC सर्टिफ़िकेट क्या है
PUC सर्टिफ़िकेट बताता है कि आपकी गाड़ी का धुआँ जाँचा गया और उसके फ़्यूल और एमिशन नॉर्म (BS-III, BS-IV, BS-VI) की सीमा के अंदर है। यह हर पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LPG और हाइब्रिड गाड़ी के लिए ज़रूरी है — कार, मोटरसाइकिल और स्कूटर, सबके लिए। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इसकी ज़रूरत नहीं।
PUC कितने दिन वैध रहता है
| गाड़ी | कब |
|---|---|
| नई गाड़ी | पहले रजिस्ट्रेशन से 1 साल बाद पहला PUC |
| BS-IV या BS-VI | हर PUC 12 महीने के लिए वैध |
| BS-III और पुरानी | हर PUC 6 महीने के लिए वैध |
यह केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115(7) से है — केरल हाई कोर्ट ने BS-IV और BS-VI गाड़ियों के लिए 12 महीने की वैधता की पुष्टि की है। कुछ राज्यों ने व्यवहार में कम अवधि दी है, इसलिए अपने सर्टिफ़िकेट पर छपी "valid till" तारीख ही मानें। नई BS-VI गाड़ियों के लिए लंबी वैधता का प्रस्ताव अभी ड्राफ़्ट है।
अप्रैल 2017 से मार्च 2020 के बीच रजिस्टर हुई ज़्यादातर गाड़ियाँ BS-IV हैं, और अप्रैल 2020 के बाद की ज़्यादातर BS-VI। आपकी RC में नॉर्म लिखा होता है।
PUC ख़त्म हो जाए तो क्या होता है
- जुर्माना: मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत ₹10,000 तक और/या 3 महीने तक जेल। कई राज्य पहली बार ₹1,000 का चालान काटते हैं।
- कुछ शहरों में पेट्रोल नहीं: दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर "PUC नहीं तो फ़्यूल नहीं" लागू किया गया है।
- बीमा रिन्यूअल: IRDAI ने बीमा कंपनियों से कहा है कि मोटर बीमा रिन्यू करते समय वैध PUC देखें।
PUC कैसे बनवाएँ
- किसी भी अधिकृत PUC सेंटर पर जाएँ — ज़्यादातर पेट्रोल पंपों पर होता है।
- ऑपरेटर साइलेंसर में प्रोब लगाकर धुआँ जाँचता है। लगभग पाँच मिनट लगते हैं।
- फ़ीस दें — आमतौर पर ₹60–₹150।
- आपको सर्टिफ़िकेट मिलता है जिस पर नंबर प्लेट, रीडिंग और "valid till" तारीख होती है। रिकॉर्ड सरकारी डेटाबेस में भी अपलोड होता है।
अगर गाड़ी फ़ेल हो जाए, तो सर्विस करवाएँ (अक्सर एयर फ़िल्टर, स्पार्क प्लग या इंजेक्टर की वजह से) और दोबारा टेस्ट कराएँ।
PUC ऑनलाइन कैसे देखें
PUC रिकॉर्ड सरकार के VAHAN डेटाबेस में अपलोड होते हैं, इसलिए आप इन्हें Parivahan वेबसाइट या mParivahan ऐप में देख सकते हैं। जब आप MotorBabu में नंबर प्लेट से गाड़ी जोड़ते हैं, तो यह रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से आपके PUC की तारीख ले लेता है, ख़त्म होने से पहले याद दिलाता है — और रिन्यू करने के बाद नई तारीख ख़ुद ढूँढ लेता है।
लोग पूछते हैं
PUC सर्टिफ़िकेट कितने दिन का होता है?
नई गाड़ी को पहले रजिस्ट्रेशन से 1 साल तक PUC नहीं चाहिए। उसके बाद BS-IV और BS-VI गाड़ियों का PUC 12 महीने और पुरानी गाड़ियों का 6 महीने के लिए वैध होता है (CMVR नियम 115(7))। आपके सर्टिफ़िकेट पर छपी तारीख ही मान्य है।
PUC न होने पर कितना जुर्माना है?
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत ₹10,000 तक जुर्माना और/या 3 महीने तक की जेल हो सकती है। कई राज्य पहली बार ₹1,000 और दोबारा ₹2,000 का चालान काटते हैं।
PUC बनवाने में कितना ख़र्च आता है?
राज्य और गाड़ी के हिसाब से आमतौर पर ₹60–₹150। अधिकृत PUC सेंटर पर लगभग पाँच मिनट लगते हैं — ज़्यादातर पेट्रोल पंपों पर सेंटर होता है।
क्या DigiLocker या mParivahan में PUC दिखाना चलेगा?
हाँ। 2018 में नियम 139 में बदलाव के बाद DigiLocker या mParivahan में दिखाए गए कागज़ मान्य हैं। अगर PUC अभी ऑनलाइन नहीं दिख रहा, तो काग़ज़ी कॉपी साथ रखें।
क्या इलेक्ट्रिक गाड़ी को PUC चाहिए?
नहीं। बैटरी वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों से धुआँ नहीं निकलता, इसलिए PUC की ज़रूरत नहीं। CNG और हाइब्रिड गाड़ियों को चाहिए।