माइलेज कैलकुलेटर
अपनी गाड़ी का असली माइलेज km प्रति लीटर में जानें — और हर किलोमीटर का ख़र्च भी। कार, बाइक और स्कूटर, पेट्रोल, डीज़ल या CNG — सबके लिए।
असली माइलेज कैसे नापें
सबसे सही तरीक़ा है फ़ुल टैंक से फ़ुल टैंक — यही तरीक़ा MotorBabu का फ़्यूल लॉग इस्तेमाल करता है:
- टंकी पूरी भरवाएँ और ओडोमीटर रीडिंग नोट करें।
- आम दिनों की तरह चलाएँ — शहर और हाईवे दोनों।
- फिर से पूरी टंकी भरवाएँ, हो सके तो उसी पंप पर, और लीटर व नई रीडिंग नोट करें।
- माइलेज = चलाए गए किलोमीटर ÷ दूसरी बार भरे लीटर।
माइलेज क्यों गिरता है — और क्या करें
- टायर में कम हवा: हर दो हफ़्ते, ठंडे टायर पर प्रेशर चेक करें।
- गंदा एयर फ़िल्टर, पुराना इंजन ऑयल या स्पार्क प्लग: समय पर सर्विस कराएँ — इंजन ऑयल कब बदलें देखें।
- तेज़ एक्सेलेरेशन और ब्रेकिंग: सही गियर में आराम से चलाने से फ़र्क़ दिखता है।
- ढीली या सूखी चेन (बाइक): हर 500–1,000 km पर लुब्रिकेट करें।
MotorBabu ऐप में पंप पर हर बार का फ़्यूल लिखें — सिर्फ़ रकम काफ़ी है। यह फ़ुल टैंक से फ़ुल टैंक माइलेज निकालता है और फ़्यूल, सर्विस व बीमा का ख़र्च जोड़कर प्रति km ख़र्च दिखाता है।
लोग पूछते हैं
बाइक का माइलेज कैसे निकालें?
टंकी फ़ुल कराएँ और ओडोमीटर रीडिंग नोट करें। आम दिनों की तरह चलाएँ, फिर उसी पंप पर दोबारा फ़ुल कराएँ। माइलेज = चलाए गए किलोमीटर ÷ दूसरी बार भरा गया पेट्रोल (लीटर)। ऊपर दोनों रीडिंग और लीटर डालें।
अच्छा माइलेज कितना होता है?
गाड़ी पर निर्भर करता है: 100–125 cc की बाइक अक्सर 50–70 km/l, स्कूटर 40–55 km/l, हैचबैक 15–20 km/l और SUV 10–15 km/l देती है। अपनी पिछली बार की रीडिंग से तुलना करें — अचानक गिरावट का मतलब अक्सर सर्विस या टायर में हवा की कमी है।
कंपनी के बताए माइलेज से कम क्यों आता है?
ब्रोशर वाला (ARAI) माइलेज लैब में तय टेस्ट पर निकाला जाता है। शहर का ट्रैफ़िक, छोटी दूरी, AC, टायर प्रेशर और चलाने का तरीक़ा — सब असली माइलेज कम करते हैं।